September 6, 2020

घड़ी घण्ट बजाने वाले बहादुर साथियों को सैल्यूट

घड़ी घण्ट बजाने वाले बहादुर साथियों को सैल्यूट

आज सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो दिखे जिसमें नवजवान रोजगार के सवाल पर घड़ी घण्ट बजा रहे हैं। घड़ी घण्ट से निकल रहीं इन आवाजों को सैल्यूट।

मुझे घड़ी घण्ट की इन आवाजों में अम्बानी अडानी के हाथ में, उनके जैसे उद्यमियों के हाथ में, उनके लोगों के हाथ में सिमट रही और सिमट गई देश की सम्पूर्ण व्यवस्था की मुक्ति नज़र आ रही है। इसलिए इन घड़ी घण्ट की आवाजों को बार बार सैल्यूट।

यह सच है कि मीडिया की मुख्यधारा ने घड़ी घण्ट की इन आवाजों को तरजीह नहीं दिया, लेकिन इन आवाजों का असर आज ही मुझे मुख्य मीडिया में दिखा।

आप भी देख लीजिए, आज रेल भर्ती परीक्षा की खबर काफी प्रमुखता के साथ परोसी गई है।

हो सकता है घड़ी घण्ट की इन आवाजों को दिग्भ्रमित करने के लिए रोजगार परीक्षा की कुछ और खबरें परोसीं जाएं।

मुमकिन है कि कुछ परीक्षाएं हो भी लेकिन घड़ी घण्ट बजाने वाले बहादुर साथियों सतर्क रहना।

घड़ी घण्ट एक साथ बजाते रहना नई इस्टइंडियाज कम्पनियों को भगाने तक।

अम्बानी अडानी और उनके लोगों के पंजे से देश को छुड़ाने तक।

धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव
सम्पादक
राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर सन्सद में दो टूक
लोकबन्धु राजनारायण विचार पथ एक
अभी उम्मीद ज़िन्दा है

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