September 18, 2021

खैरियत के लिए दुआ करिए

दुआ करिए

कभी किसी को जब विदा करिए।
फर्ज जो है उसे अता करिए।

हम कहें राम अब दया करिए।
तुम कहो की दया खुदा करिए।

सड़क पे सांप फन पसारे हैं,
खैरियत के लिए दुआ करिए।

अमन अमान दोस्ती के लिए,
हर एक वक्त इल्तिजा करिए।

मेल के वास्ते जरूरी है,
कभी कभार बढ़ मिला करिए।

कहीं मिले जो मेल की खुशबू,
जरा जरा ही ले लिया करिए।

हर तरफ रार और दहशत है,
अमीरे शहर कुछ हया करिए।

धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव
सम्पादक
राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर – सन्सद में दो टूक
लोकबन्धु राजनारायण – विचार पथ एक
अभी उम्मीद ज़िन्दा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *